सोनम (परिवर्तित नाम ) को दिनांक 05/05/2022 को किसी अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया और उक्त मोबाइल नंबर धारक द्वारा स्वयं को बैंक अधिकारी बताया गया तथा आवेदक जो पेशे से शिक्षिका है, से कहा गया कि उसके वेतन खाते में लिंक आधार कार्ड, चैक बुक ब्लॉक हो जायेंगे , उसको अपडेट करने की आवश्यकता है। जिस हेतु बैंक अधिकारी (अज्ञात मोबाइल नंबर धारक) ने एक मोबाइल एप्लीकेशन आवेदिका शिक्षिका के मोबाइल में लिंक भेजकर डाउनलोड करवाई और अपनी बैंक संबंधी डिटेल चैक करने हेतु कहा गया। आवेदिका ने बैंक अधिकारी द्वारा बताए गये समस्त निर्देशों का पालन किया। अगले दिन दिनांक 06/05/2022 को सुबह उसके बैंक खाते से 02 अज्ञात ट्रांजेक्शन ₹190000/- तथा ₹50000/- के हुए जो आवेदिका ने नहीं किए थे।

तब दिनांक 06/05/2022 को आवेदिका द्वारा अपने परिवारजनों के साथ अपने एसबीआई बैंक शाखा खरगापुर में जाकर सूचित किया तथा अपने बैंक अकाउंट की आवश्यक जानकारी लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री प्रशांत खरे से जाकर मिले तथा उक्त ऑनलाइन फ्रॉड की जानकारी दी । तब पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सायबर सेल को उक्त ऑनलाइन ठगी को रोकने हेतु और आवेदिका की रकम बापिस करवाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।
साइबर सेल कर्मचारियों को जांच पर पता लगा कि दिनांक 05/05/2022 को आवेदिका के मोबाइल पर अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया था जो स्वयं को बैंक अधिकारी बता रहा था वह व्यक्ति वास्तविक रूप से ऑनलाइन फ्रॉड करने बाला ठग था जो झारखंड के जमतारा से बात कर रहा था तथा आवेदिका से जो मोबाइल एप्लीकेशन उक्त ठग द्वारा डाउनलोड कराकर ठगी की गई थी वह एप्लीकेशन रिमोट मोबाइल एक्सेस एप्लीकेशन क्विक व्यूवर थी जिसको डाउनलोड करने पर डाउनलोडकर्ता अपने मोबाइल की स्क्रीन शेयर कर देता है( इसमें आवेदक जो अपने मोबाइल में कार्य करता है बह सब ठग अपने मोबाइल में देख सकता है) और ऑनलाइन ठग आपसे बैंक खाता का बैलेंस चैक कराने या अन्य बहानों से आपके बैंकिंग एप्लीकेशन की आईडी पासवर्ड देख लेते हैं और ऑनलाइन ठग आपके बैंक खाते से रकम ऑनलाइन चुरा लेते हैं। इसी प्रकार ऑनलाइन ठगों ने आधार कार्ड , के.वाय.सी अपडेट करने का बोलकर आवेदिका के साथ ऑनलाइन फ्रॉड किया था ।
सायबर सेल द्वारा आवेदिका से बैंक खाते के अवैध ट्रांजेक्शनों की पूर्ण जानकारी लेकर आवेदिका के बैंक खाते से अवैध रूप से कटी ₹240000 की रकम को रूकवाने व बापिस आवेदिका के बैंक खाते में जमा करवाने हेतु आरोपी के बैंक खाते पर होल्ड लगवाया तथा बापिस आवेदिका के बैंक खाते में अवैध रूप से ठगी गई राशि ₹240000 जमा करवाए।
आवेदिका व उनके परिजनों द्वारा पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री प्रशांत खरे एवं साइबर सेल टीम के उप निरीक्षक मयंक नगायच प्रधान आरक्षक रहमान खान आरक्षक मुकेश राजगिर का धन्यवाद किया है।