टीकमगढ़। तेजी से बढ़ती डिजिटल सेवाओं के साथ साइबर अपराधों के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से टीकमगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशव्यापी “सेफ क्लिक अभियान-2026” के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यह अभियान 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों की बदलती चुनौतियों से अवगत कराना, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति प्रेरित करना तथा डिजिटल ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना है।
👉 आर्थिक केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंची पुलिस
पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में अभियान के तीसरे दिन आज दिनांक 26 जून 2026 को जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने अपनी टीमों के साथ कियोस्क सेंटर, एटीएम बूथ, बैंकिंग सेवा केंद्र एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों वाले स्थानों पर पहुंचकर ग्रामीणों, महिलाओं, विद्यार्थियों, युवाओं और व्यापारियों से सीधा संवाद किया।
इस दौरान डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी, निवेश संबंधी फर्जी योजनाओं तथा ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई।
➡️ ‘डिजिटल अरेस्ट’ केवल ठगों का झांसा
कार्यक्रम में नागरिकों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है। यह साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को डराकर ठगी करने का एक तरीका है। साथ ही समझाया गया कि कोई भी बैंक अधिकारी कभी फोन पर ओटीपी, सीवीवी नंबर, एटीएम कार्ड विवरण या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें तथा सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्राप्त आकर्षक ऑफरों की पहले सत्यता अवश्य जांचें।
➡️ 1930 पर तुरंत करें शिकायत
अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
➡️ जागरूकता सामग्री का किया वितरण
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी स्टैंडी, पंपलेट एवं सूचना सामग्री वितरित की गई। साथ ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कर लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
👉 पुलिस अधीक्षक की अपील
पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से कहा कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर बिना पुष्टि विश्वास न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी का सामना हो तो तत्काल 1930 पर सूचना दें अथवा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
मुख्य संदेश
“सुरक्षित डिजिटल जीवन की पहली शर्त है जागरूकता। आपकी सावधानी ही साइबर अपराधियों के विरुद्ध सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।”
🔷 टीकमगढ़ पुलिस
साइबर जागरूकता • डिजिटल सुरक्षा • जनहित के प्रति प्रतिबद्ध





