टीकमगढ़ जिले में पुलिस अब सिर्फ कानून की बात नहीं कर रही, बल्कि बेटियों की दोस्त बनकर उनके बीच पहुंच रही है।

पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा “महिला सुरक्षा–स्वतंत्रता–सम्मान अभियान” गांव-गांव, स्कूल-स्कूल जाकर बच्चियों को यह सिखा रहा है कि—

👉 कौन-सा स्पर्श अच्छा होता है और कौन-सा गलत
👉 खतरे में क्या करना है और किससे मदद लेनी है
👉 डरना नहीं, बोलना है

👧 “परी दीदी” बनी महिला पुलिस – बच्चियों की हमसफर

इस अभियान के तहत महिला पुलिस की विशेष टीमें परी, नीड, भरोसा, सहारा और आसरा नाम से बनाई गई हैं।
ये टीमें स्कूलों और गांवों में जाकर बिलकुल आसान भाषा में बच्चियों से बात करती हैं, खेल-खेल में समझाती हैं और उन्हें यह विश्वास दिलाती हैं कि—

➡️ “अगर कुछ गलत हो, तो तुम अकेली नहीं हो”

अब तक 40 हज़ार से ज्यादा बच्चियां इन कार्यक्रमों से जुड़कर अपनी सुरक्षा के बारे में सीख चुकी हैं।

🏫 स्कूल पहुंची महिला थाना की टीम

दिनांक 09 फ़रवरी 2026 को महिला थाना की पुलिस टीम ने एक शासकीय स्कूल में जाकर बच्चियों के लिए “परी वर्ग” लगाया।
इस दौरान बच्चियों को सरल तरीक़े से बताया गया—

✔️ गुड टच और बैड टच क्या होता है
✔️ कोई गलत छुए या डराए तो तुरंत क्या करना है
✔️ खुद को बचाने के छोटे-छोटे आसान तरीके
✔️ अपनी बात माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को क्यों और कैसे बताएं
✔️ साफ-सफाई और सेहत का ध्यान कैसे रखें

महिला पुलिस ने बच्चियों से कहा—
👉 “गलत बात छुपानी नहीं है, हमें बतानी है”

☎️ जरूरत पड़ने पर यहां फोन करें

अगर कभी डर लगे या कोई गलत करे, तो बच्चियां या उनके घर वाले तुरंत फोन कर सकते हैं—

📞 महिला हेल्पलाइन: 1090
📞 साइबर हेल्पलाइन: 1930
📞 पुलिस मदद: 112

🌺 टीकमगढ़ पुलिस का भरोसा

टीकमगढ़ पुलिस चाहती है कि हर बेटी निडर होकर पढ़े, खेले और आगे बढ़े ।
यह अभियान पुलिस और समाज दोनों के मिलकर किए गए प्रयास से
👉 बेटियों को मजबूत, समझदार और सुरक्षित बनाने की एक सच्ची पहल बन चुका है।

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