माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर एवं पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना की मंशानुसार पुलिस मुख्यालय द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रदेशव्यापी “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान संचालित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य गुमशुदा एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की सुरक्षित खोज, बाल तस्करी की रोकथाम तथा उन्हें पुनः उनके परिवार से मिलाना रहा।
पुलिस महानिरीक्षक सागर ज़ोन श्री मिथिलेश शुक्ला एवं डीआईजी छतरपुर रेंज श्री विजय खत्री के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में टीकमगढ़ पुलिस ने अभियान के दौरान अत्यंत संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए 52 प्रतिशत रिकवरी रेट प्राप्त किया, जो जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अभियान की सतत मॉनिटरिंग स्वयं पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई, जिससे कार्यवाही में निरंतर गति और प्रभावशीलता बनी रही।
अभियान के अंतर्गत जिले से 02 बालक एवं 35 बालिकाओं सहित कुल 37 गुमशुदा बच्चों को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया गया। इन बच्चों को मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा एवं बिहार जैसे अन्य राज्यों से खोजकर सुरक्षित वापस लाया गया, जो पुलिस की सक्रियता एवं समर्पण को दर्शाता है।
इस अभियान में थाना पुलिस एवं साइबर सेल के संयुक्त प्रयासों से गठित विशेष टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुमशुदा बच्चों की तलाश हेतु संभावित स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, निर्माण स्थल एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग एवं सत्यापन अभियान चलाया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में अब तक टीकमगढ़ पुलिस द्वारा 55 से अधिक गुमशुदा बालक/बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया जा चुका है, जो मानवीय संवेदनाओं के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
🤝 संवेदनशील पुलिसिंग—मानवता की मिसाल
टीकमगढ़ पुलिस का यह प्रयास न केवल कानून-व्यवस्था का हिस्सा है, बल्कि समाज के प्रति एक मानवीय दायित्व का निर्वहन भी है, जिसमें हर बच्चे की सुरक्षित वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
💡 संदेश:
हर बच्चा सुरक्षित—हर परिवार खुशहाल, यही हमारा संकल्प है।
🔷 टीकमगढ़ पुलिस — संवेदनशीलता, सुरक्षा और सेवा के प्रति समर्पित





