टीकमगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन को और अधिक मानवीय, संवेदनशील और नागरिक-मित्र बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में एक ऐसी पहल निरंतर आगे बढ़ रही है, जहाँ हर नागरिक की बात को ध्यान से सुना जाना प्राथमिकता है।

जनता की छोटी-बड़ी हर परेशानी तक पहुँचना, उसे समझना और यथासंभव समाधान देना—इसी सोच के साथ जिले के प्रत्येक थाना, चौकी एवं जिला मुख्यालय पर प्रत्येक मंगलवार “जनसुनवाई एवं नागरिक संवाद शिविर” आयोजित किए जा रहे हैं।

इस पहल का मूल भाव यही है—

“कोई भी नागरिक अकेला महसूस न करे, हर समस्या को सुना और समझा जाए।”

👉 आज की जनसुनवाई — शांति, सहानुभूति और भरोसे का वातावरण

दिनांक 16 फ़रवरी 2026 को जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई शिविर में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाहा द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों से शांत, धैर्यपूर्ण और आत्मीय संवाद किया गया।

इस दौरान—

* प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना गया
* अनेक समस्याओं का तत्काल और मौके पर ही समाधान किया गया
* जिन मामलों में समय और जांच की आवश्यकता थी, उनमें निष्पक्ष व पारदर्शी कार्रवाई का भरोसा दिया गया
* नागरिकों ने बिना झिझक अपनी बात रखी और इस व्यवस्था को आश्वस्त करने वाला व भरोसेमंद बताया

➡️ जनसुनवाई की विशेष झलकियाँ

* महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं को विशेष प्राथमिकता
* हर आवेदन पर संयम, सम्मान और मानवीय दृष्टिकोण
* सभी अनुभागों में एसडीओपी द्वारा सीधे संवाद, जिससे भरोसा और मजबूत हुआ
* थाना एवं चौकी स्तर तक जनसुनवाई पहुँचाने का प्रयास, ताकि दूरी या असुविधा बाधा न बने
* पुलिस कार्यप्रणाली में विनम्रता, जवाबदेही और सहयोग को केंद्र में रखा गया

📊 भरोसे का सकारात्मक असर

पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई की इस जनोन्मुखी पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
➡️ जिला मुख्यालय पर प्राप्त होने वाली शिकायतों में लगभग 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि समस्याएँ पहले ही स्तर पर सुनी और सुलझाई जा रही हैं।

टीकमगढ़ पुलिस का संकल्प

टीकमगढ़ पुलिस का उद्देश्य ऐसी पुलिसिंग विकसित करना है जो—

* विश्वास पर आधारित हो
* सम्मान से जुड़ी हो
* और सहयोग से आगे बढ़े

ताकि हर नागरिक निसंकोच यह कह सके—

“यहाँ मेरी बात सुनी जाएगी, और समाधान का प्रयास जरूर होगा।”

आने वाले समय में जनसुनवाई एवं नागरिक संवाद शिविरों की यह श्रृंखला निरंतर जारी रहेगी, जिससे पुलिस और नागरिकों के बीच का रिश्ता और अधिक मानवीय, भरोसेमंद और मजबूत बन सके।

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