पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के कुशल निर्देशन में जिले में गुमशुदा नाबालिग बालिका/बालकों की शीघ्र दस्तयाबी हेतु विशेष अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में प्रभावी मुखबिर तंत्र विकसित करने, तकनीकी साक्ष्य संकलित करने तथा प्रत्येक प्रकरण में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए हैं।

👉 इसी क्रम में थाना बुडेरा में दिनांक 16.02.2026 को एक फरियादी द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री कुमारी सुहानी (परिवर्तित नाम) को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उक्त सूचना पर थाना बुडेरा में अपराध क्रमांक 39/2026 धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं एसडीओपी श्री राहुल कटरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बुडेरा उप निरीक्षक मनोज यादव के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम द्वारा तत्परता, तकनीकी संसाधनों एवं मुखबिर सूचना के प्रभावी उपयोग से कार्यवाही करते हुए अपहृत नाबालिग बालिका को 24 घंटे के भीतर सकुशल दस्तयाब कर लिया गया।

विधिक प्रावधानों के अनुरूप अपहर्ता के कथन धारा 180 बीएनएसएस एवं धारा 183 बीएनएसएस के अंतर्गत माननीय न्यायालय में दर्ज कराए गए। समस्त वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत नाबालिग बालिका को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बुडेरा उनि. मनोज यादव, प्र.आर. 65 मुन्नालाल प्रजापति, आर. 625 जितेन्द्र चन्देल, आर. 459 ऋषि प्रताप, म.आर. 345 अनुशा बुंदेला एवं म.आर. 246 मोहनी खंगार का विशेष योगदान रहा।

👉 उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में टीकमगढ़ पुलिस द्वारा अब तक 17 नाबालिग बालिकाओं एवं 04 नाबालिग बालकों को देश के विभिन्न राज्यों एवं महानगरों से मुखबिर सूचना एवं तकनीकी सहायता के माध्यम से सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा चुका है। यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

जिला पुलिस टीकमगढ़ नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी नाबालिग की गुमशुदगी अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर प्रदान करें, ताकि त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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