ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से जिला पुलिस टीकमगढ़ द्वारा “बाल श्रम उन्मूलन” विषयक विशेष जन-जागरूकता अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने ग्रामीण थाना क्षेत्रों में समुदाय आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु ठोस एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा आमजन को संबंधित कानूनी प्रावधानों से अवगत कराएं।
▶️ ग्राम स्तर पर संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम
उक्त निर्देशों के अनुपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा एवं एसडीओपी टीकमगढ़ राहुल कटरे के मार्गदर्शन में दिनांक 16.02.2026 को महिला थाना की पुलिस टीम द्वारा थाना देहात क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अगोर टपरियन में महिला थाना पुलिस टीम द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण नागरिकों—विशेषकर बच्चों, महिलाओं एवं अभिभावकों—के साथ संवाद स्थापित कर बाल श्रम उन्मूलन अभियान के उद्देश्य, कानूनी प्रावधानों तथा इसके सामाजिक एवं शैक्षणिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित जनसमूह को बताया गया कि बाल श्रम न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास में गंभीर अवरोध उत्पन्न करता है।
▶️ महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता एवं यातायात नियमों पर विशेष मार्गदर्शन
जन-जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध से बचाव के उपाय, ऑनलाइन ठगी से सतर्कता तथा सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।
ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए अपील की गई कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, बाल श्रम अथवा महिला उत्पीड़न संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
जिला पुलिस टीकमगढ़ समाज के प्रत्येक वर्ग—विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं—की सुरक्षा, शिक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी ग्राम स्तर पर जनसंवाद, विधिक जागरूकता एवं प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से ऐसे अभियान निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।





