टीकमगढ़, 22 जून 2026। आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन एवं प्रभावी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने हेतु टीकमगढ़ पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से कुशलतापूर्वक एवं संवेदनशीलता के साथ निपटने के लिए तैयार करना है।

इसी क्रम में पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित चतुर्थ बैच के प्रशिक्षण सत्र में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आज संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण एवं जनसुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।

अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन केवल सुरक्षा व्यवस्था का विषय नहीं होते, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं से भी जुड़े होते हैं। ऐसे अवसरों पर पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के सहयोगी, मार्गदर्शक एवं संकट की घड़ी में सहायता प्रदान करने वाले संरक्षक के रूप में भी कार्य करते हैं।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि ड्यूटी के दौरान संयम, धैर्य, विनम्रता और मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय, यातायात संचालन, जनसुविधाओं के प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही महिला एवं बाल सुरक्षा, लापता व्यक्तियों की खोज, सार्वजनिक सूचना तंत्र के प्रभावी उपयोग तथा अफवाहों की रोकथाम संबंधी व्यावहारिक पहलुओं से भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराया गया।

👉 पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता पूर्व नियोजन, सतत सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और टीम भावना पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रत्येक पुलिसकर्मी की सजगता और कर्तव्यनिष्ठा से सुनिश्चित होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि जनसहयोग किसी भी बड़े आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार होता है। नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि—

सिंहस्थ जैसे महापर्व हमारी पेशेवर दक्षता, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण की वास्तविक परीक्षा होते हैं। हमारा उद्देश्य केवल सुरक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहाँ वह श्रद्धा, विश्वास और सम्मान के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण कर सके।

टीकमगढ़ पुलिस सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर सतत प्रशिक्षण, समन्वय एवं क्षमता संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि महापर्व के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का सर्वोत्तम स्तर सुनिश्चित किया जा सके।

टीकमगढ़ पुलिस
सुरक्षा, संवेदनशीलता और सेवा का संकल्प

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