टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में दिनांक 13 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यस्थितियों, स्वास्थ्य, पारिवारिक परिस्थितियों एवं कल्याण से संबंधित विषयों की संवेदनशील समीक्षा की गई।

👉 बैठक का स्वरूप औपचारिक कम और आत्मीय अधिक रहा। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी से व्यक्तिगत रूप से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस बल की मजबूती केवल अनुशासन से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और मानवीय सहयोग से भी आती है।

🤝 पारिवारिक संकट में मिला सहारा

बैठक के दौरान एक पुलिस आरक्षक ने अपने परिवार में उत्पन्न गंभीर परिस्थिति से अवगत कराया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्परता से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक अवकाश स्वीकृत किया, ताकि कर्मचारी अपने परिवार के साथ रहकर परिस्थिति का सामना कर सके।

इस संवेदनशील निर्णय से संबंधित कर्मचारी भावुक हो उठा और उसने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल दर्शाती है कि पुलिस प्रशासन अपने कर्मियों की परिस्थितियों को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से समझता है।

🛡️ कर्मचारी कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता

पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि—

▪️ लंबित अवकाश प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाए
▪️ स्वास्थ्य एवं पारिवारिक समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाए
▪️ किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक प्रशासनिक कठिनाई न हो
▪️ कल्याण संबंधी मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखी जाए

उन्होंने कहा कि—

> “एक संतुलित और मानसिक रूप से सशक्त पुलिसकर्मी ही समाज की प्रभावी सुरक्षा कर सकता है। यदि हम अपने कर्मियों की चिंता नहीं करेंगे, तो वे जनता की चिंता कैसे करेंगे।”

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाहा एवं रक्षित निरीक्षक श्री कनक सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

टीकमगढ़ पुलिस प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि यहाँ कर्तव्य के साथ संवेदना और अनुशासन के साथ मानवीयता को भी समान महत्व दिया जाता है।

🔰 टीकमगढ़ पुलिस — कर्तव्य के साथ करुणा, सेवा के साथ संवेदना

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