टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में संचालित “स्वयंसिद्धा अभियान” के अंतर्गत महिला सेल के सहयोग से बच्चों को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक एवं सक्षम बनाने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभिनव पहल के तहत 118 बच्चों को जूडो-कराटे के साथ-साथ लाठी संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे आत्मरक्षा के लिए प्रभावी ढंग से अपनी सुरक्षा कर सकें।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास, साहस, सतर्कता एवं विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना रहा। प्रशिक्षकों ने बच्चों को लाठी संचालन की मूलभूत तकनीकों, संतुलन, बचाव एवं आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण देते हुए बताया कि आत्मरक्षा का अर्थ केवल शारीरिक सुरक्षा नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी है।

प्रशिक्षण के दौरान ब्लैक बेल्ट प्रशिक्षक अंजली भटनागर, अंजली विश्वकर्मा, नीलम राजपूत, संजना कुशवाहा, काजल रैकवार एवं अर्पण शक्ले ने बच्चों को जूडो-कराटे के साथ लाठी संचालन का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में महिला प्रधान आरक्षक रानू विश्वकर्मा, महिला आरक्षक कीर्ति बुंदेला एवं मानसी तिवारी की भी सक्रिय सहभागिता रही।

👉 पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने कहा कि बच्चों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना समय की आवश्यकता है। ऐसे प्रशिक्षण न केवल उन्हें शारीरिक रूप से सक्षम बनाते हैं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और संकट की घड़ी में स्वयं की सुरक्षा करने का साहस भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ पुलिस भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं नवाचारपूर्ण कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

टीकमगढ़ पुलिस
कर्तव्य • अनुशासन • समर्पण • जनसेवा”

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