जिला टीकमगढ़ में पुलिस प्रशासन को अधिक मानव-केंद्रित, सहानुभूतिपूर्ण और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में संवेदनशील पुलिसिंग की एक नई दिशा विकसित की जा रही है।

जनता की हर छोटी-बड़ी परेशानी तक पहुँचना और उसे ईमानदारी से समझना—इसी सोच के साथ जिले के प्रत्येक थाना, चौकी और जिला मुख्यालय पर प्रत्येक मंगलवार “जनसुनवाई एवं नागरिक संवाद शिविर” आयोजित किए जा रहे हैं।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य है—

“हर नागरिक को यह महसूस हो कि उसकी बात सच में सुनी और समझी जा रही है।”

👉 आज की जनसुनवाई — संवाद, सहानुभूति और समाधान का प्रयास

दिनांक 03 फ़रवरी 2026 को जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई शिविर में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के द्वारा जिला मुख्यालय पर ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों से शांत, धैर्यपूर्ण और आत्मीय बातचीत की।

* प्रत्येक समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना गया।
* कई शिकायतों का समाधान वहीं पर तत्परता से किया गया।
* जिन प्रकरणों पर विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उनमें निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
* नागरिकों ने खुलकर अपनी परेशानियाँ रखीं और इस पहल को *सकारात्मक व आश्वस्त करने वाला* बताया।

➡️ कार्यक्रम की विशेष झलकियाँ

* महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजन और जरूरतमंद नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता दी गई।
* हर आवेदन पर मानवीय दृष्टि, संयम और पारदर्शिता से कार्रवाई का आश्वासन।
* सभी अनुभागों में एसडीओपी द्वारा सीधे संवाद की व्यवस्था से नागरिकों में भरोसा और बढ़ा।
* थाना और चौकी स्तर तक जनसुनवाई पहुँचाने का प्रयास, ताकि किसी भी नागरिक को दूरी या कठिनाई बाधा न बने।
* पुलिस कार्यशैली में संवेदनशीलता, सहयोग, जवाबदेही और विनम्रता को केंद्र में रखा गया।

👉 जनसुनवाई के परिणाम:— पुलिस अधीक्षक की इस जनोन्मुखी पहल के सकारात्मक परिणाम आए है जिसमें जिले से जिला मुख्यालय पर आने बाली शिकायतों में 23% की कमी आई है ।

टीकमगढ़ पुलिस का लक्ष्य है कि विश्वास, सम्मान और सहयोग को आधार बनाकर ऐसी पुलिसिंग स्थापित की जाए जो जनता के हृदय से जुड़ी हो—
जहाँ हर व्यक्ति बिना हिचकिचाहट कह सके: “मेरी समस्या की सुनवाई होगी, और समाधान भी मिलेगा।”

आने वाले दिनों में जनसुनवाई एवं नागरिक संवाद शिविरों की यह श्रृंखला निरंतर जारी रहेगी, ताकि पुलिस और नागरिकों के बीच का रिश्ता और अधिक सहयोगपूर्ण, भरोसेमंद और मानवीय बन सके।

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