टीकमगढ़ जिले में सामाजिक समरसता, सुरक्षा एवं जागरूक नागरिकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में टीकमगढ़ पुलिस द्वारा एक व्यापक जनसहभागिता एवं सामाजिक कुरीति मुक्ति अभियान प्रारंभ किया गया है। इस पहल का लक्ष्य नशा, अपराध, हिंसा, भेदभाव तथा विभिन्न सामाजिक कुप्रथाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना एवं समाज में विश्वास एवं समानता की भावना को सुदृढ़ करना है।
👉 अभियान की शुरुआत के तहत दिनांक 22 जनवरी 2026 को कुड़ीला थाना की टीम द्वारा थाना क्षेत्र में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों, नागरिक दायित्वों एवं कानूनी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। साथ ही नशाखोरी, भ्रूण हत्या, बाल श्रम तथा लैंगिक असमानता जैसी सामाजिक समस्याओं के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने अभियान की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा—
> “समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है जब पुलिस और नागरिक एक साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ें। यह अभियान संवाद, विश्वास और सहभागिता के माध्यम से स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास है।”
अभियान के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न सहायता-आधारित कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। वहीं युवाओं को रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए मार्गदर्शन सत्र, प्रेरक संवाद एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे उनकी ऊर्जा को सही दिशा प्रदान की जा सके।
टीकमगढ़ पुलिस ने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि वे सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूक होकर नशामुक्त, समान एवं अहिंसक समाज के निर्माण में सहभागी बनें तथा जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए कानून एवं सामाजिक मूल्यों का सम्मान करें।
इस अभियान की परिकल्पना एक ऐसे समाज की है—
“जहाँ प्रत्येक व्यक्ति सुरक्षित हो, समान अधिकारों से संपन्न हो और भय, भेदभाव व कुरीतियों से मुक्त वातावरण में आगे बढ़ सके।”





