टीकमगढ़, 07 जुलाई। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सामाजिक दायित्व मानते हुए टीकमगढ़ पुलिस ने हरित भविष्य की दिशा में एक सार्थक पहल की है। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में सोमवार को पुलिस लाइन परिसर में व्यापक पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधे रोपकर उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लिया।
अभियान की शुरुआत पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने स्वयं पौधारोपण कर की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की शोभा नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, संतुलित पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन का मजबूत आधार हैं। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल को भी अपनी जिम्मेदारी समझें, क्योंकि किसी पौधे का जीवित रहना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है।
टीकमगढ़ पुलिस की यह पहल केवल औपचारिक वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है। पुलिस लाइन परिसर में लगभग 13 हजार पौधों का संरक्षण और संवर्धन सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। इनकी बेहतर देखभाल के लिए पर्यावरण हितैषी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।
परिसर के आवासीय भवनों से निकलने वाले अपशिष्ट जल का परिशोधन कर उसे पौधों की सिंचाई में उपयोग किया जा रहा है। इस व्यवस्था से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का भी उदाहरण सामने आया है। वहीं पौधों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी तारबंदी कर उन्हें आवारा पशुओं से संरक्षित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक समय-समय पर पुलिस लाइन का निरीक्षण कर पौधों की स्थिति, सिंचाई व्यवस्था और संरक्षण कार्यों की समीक्षा करते हैं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश देकर अभियान को निरंतर गति प्रदान कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में पुलिस लाइन परिसर धीरे-धीरे एक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिसर के रूप में विकसित हो रहा है।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति टीकमगढ़ पुलिस की संवेदनशील सोच और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। संदेश स्पष्ट है कि प्रकृति का संरक्षण केवल किसी एक विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। यदि आज पौधों को सुरक्षित रखा जाएगा, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण मिल सकेगा।





