मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए टीकमगढ़ पुलिस द्वारा संचालित “आसरा अभियान” जरूरतमंदों के लिए सहारा बनकर सामने आ रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में यह अभियान उन असहाय, निराश्रित और बुजुर्ग नागरिकों तक पहुंच रहा है, जिन्हें सबसे अधिक सहारे की आवश्यकता है।

इसी क्रम में आज दिनांक 24 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बड़ागांव क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपत्ति अत्यंत दयनीय स्थिति में जीवनयापन कर रहा है। सूचना को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी बड़ागांव को मौके पर भेजकर वास्तविक स्थिति जानने एवं आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो पाया कि लगभग 90 वर्षीय बुजुर्ग एवं 85 वर्षीय वृद्धा बेसहारा अवस्था में रह रहे हैं। दोनों ही अस्वस्थ थे और उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं था। परिवारजन दूर रहने के कारण वे पूर्णतः अकेले जीवन यापन कर रहे थे।

पुलिस टीम ने न केवल उनकी स्थिति को समझा, बल्कि आत्मीय संवाद स्थापित कर उनके दुख-दर्द को सुना। तत्पश्चात जनसहयोग के माध्यम से उन्हें राशन सामग्री, फल एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, जिससे उनके जीवन में तत्काल राहत पहुंचाई जा सकी।

इसके साथ ही उन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया कि पुलिस उनके साथ है — क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग के दौरान उनकी स्थिति पर नजर रखी जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इस मानवीय पहल की जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित बुजुर्गों के परिजनों का पता लगाकर उन्हें समझाइश देने एवं अपने माता-पिता की देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

👉 संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल

“आसरा अभियान” केवल एक पहल नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण है। टीकमगढ़ पुलिस यह संदेश दे रही है कि कानून व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय सरोकार भी उसकी प्राथमिकता हैं।

🔷 टीकमगढ़ पुलिस — सेवा, संवेदना और सुरक्षा के प्रति समर्पित

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