टीकमगढ़। महिला सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साकार करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक विशेष एवं प्रेरणादायी पहल के अंतर्गत एक नन्ही बालिका को प्रतीकात्मक रूप से एक दिन का पुलिस अधीक्षक बनाया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने बालिका को स्वयं अपनी कुर्सी पर बैठाया, पुलिस अधीक्षक की कैप पहनाई तथा उसके साथ आत्मीय संवाद किया। यह पहल केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं थी, बल्कि समाज को यह संदेश देने का प्रयास था कि बेटियाँ भी नेतृत्व, निर्णय क्षमता एवं जिम्मेदारी के प्रत्येक क्षेत्र में समान रूप से सक्षम हैं और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलना चाहिए।
👉 पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने कहा कि बालिकाओं को प्रोत्साहन, सुरक्षा और उचित मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें आत्मविश्वासी एवं स्वावलंबी बनाया जा सकता है। समाज की प्रगति तभी संभव है जब बेटियों को समान अवसर और सम्मान मिले।
उल्लेखनीय है कि टीकमगढ़ पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न नवाचार आधारित अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इनमें महिलाओं एवं बालिकाओं की आयु एवं आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता, जागरूकता एवं संरक्षण प्रदान करने हेतु नीड, परी, भरोसा, सहारा एवं आसरा अभियान शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजनू अभियान, पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए परिवार जोड़ो अभियान, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग, बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करने जैसी अनेक जनहितकारी पहलें भी निरंतर संचालित की जा रही हैं।
इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। जिले में महिला सुरक्षा एवं जागरूकता के क्षेत्र में किए गए सतत कार्यों के फलस्वरूप महिला संबंधी अपराधों में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो समाज एवं पुलिस के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का प्रतीक है।
टीकमगढ़ पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि ऐसा सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है, जहाँ प्रत्येक बेटी स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सक्षम महसूस कर सके।





