आज दिनांक 14 अप्रैल 2026 को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री संजीव सचदेवा जी का टीकमगढ़ आगमन हुआ। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के सादर अनुरोध पर माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय द्वारा पुलिस लाइन परिसर स्थित “माँ की बगिया” का भ्रमण किया गया तथा वृक्षारोपण किया गया।

👉 माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर प्रेरक संदेश

इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष न केवल जीवन के आधार हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक वृक्ष अवश्य रोपित करे एवं उसकी देखभाल को अपने सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाए।

👉 “माँ की बगिया” पहल की सराहना

माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय ने टीकमगढ़ पुलिस द्वारा विकसित “माँ की बगिया” की प्रशंसा करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास पुलिस बल की पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता एवं जन-जागरूकता का सशक्त उदाहरण है।

👉 पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय को टीकमगढ़ पुलिस द्वारा किए जा रहे पर्यावरणीय नवाचारों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन परिसर में 10,000 से अधिक पौधों का रोपण कर एक सघन उद्यान विकसित किया गया है। साथ ही, सिंचाई हेतु शहर टीकमगढ़ के अपशिष्ट (वेस्टेज) जल को शुद्ध कर उपयोग में लाने की अभिनव व्यवस्था स्थापित की गई है।

इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में पुलिस की कल्याणकारी गतिविधियों से माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय को अवगत कराया गया ।

कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रवीणा व्यास, कलेक्टर श्री विवेक श्रोतीय, जिला न्यायालय के सभी न्यायाधीशगण, एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति लिटोरिया, एसडीओपी टीकमगढ़ श्री राहुल कटरे, तहसीलदार टीकमगढ़, रक्षित निरीक्षक श्री कैलाश पटेल, थाना प्रभारी कोतवाली एवं देहात, सूबेदार श्री उत्तम सिंह सहित जिला पुलिस बल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा “हरित टीकमगढ़, स्वच्छ टीकमगढ़” के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण हेतु निरंतर योगदान देने का प्रण लिया गया।

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